Thursday, 23 January 2014

पुकारा जा रहा है फिर से कत्ल होने को

पुकारा जा रहा है फिर से कत्ल होने को 
हम ही हम खडे मकतल मे कत्ल होने को

कही सर की गिनती मे,तीर कम ना पड जाए
शहर सारा आ रहा है कत्ल होने को

हमे ये गम नही की मौत से फिर सामना होगा
तुम देख लो तॅयार हो क्या कत्ल होने को

मेरे कातील से कहना वक्त नया सुरज तराशेगी
अभी जंग बाकी है फिर मिलेंगे कत्ल होने को


मुझे मालुम है ऐ जिंदगी की जंग लाजिम है , 
कफ़न तैयार रखना जा रहे है कत्ल होने को

3 comments:

  1. Fan of gya main too apka by God. Its awesome.

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  2. Modification: कही तीर की गिनती मे,सर कम ना पड जाए
    शहर सारा आ रहा है कत्ल होने को

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