मेरी खमोशी मेरा जवाब नही, मेरा मुकद्दर है
जमाने ने अक्सर गलत सवाल किया मुझपे
मै आशिक बना, पागल बना शायर बना
ईक मुहब्बत ने क्या क्या कमाल किया मुझपे
जमाने ने अक्सर गलत सवाल किया मुझपे
मै आशिक बना, पागल बना शायर बना
ईक मुहब्बत ने क्या क्या कमाल किया मुझपे