पुकारा जा रहा है फिर से कत्ल होने को
Friday, 24 April 2015
उसे पागल ना कहे तो ऑर क्या कहे
उसे
पागल ना कहे तो ऑर क्या कहे ,
वो पत्थरो के शहर मे आईने तलाशता था
Wednesday, 8 April 2015
एक शेर
सब सबुत भी दे रहे थे अपनी बेगुनाही का...
मॅ इकरार ना करता तो ऑर क्या करता
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